“गुरु के उपदेशों का पालन, विनम्रता, श्रद्धा और अनुशासन सच्ची गुरु सेवा है : डॉ. भरत शर्मा”

“गुरु के उपदेशों का पालन,  विनम्रता, श्रद्धा और अनुशासन सच्ची गुरु सेवा है  : डॉ. भरत शर्मा”

(माऊली दत्त सद्गुरु डॉ. अण्णा महाराज का सम्मान )
इन्दौर, मध्य प्रदेश : 
संस्कृति मंत्रालय सदस्य, भारत सरकार  डॉ. भरत शर्मा और जयपुर से आए उद्योगपति अरविंद पुरोहित की माऊली दत्त सद्गुरु डॉ. अण्णा महाराज से सौजन्य भेंट इंदौर स्थित उनके आश्रम में उनका सम्मान किया गया। उक्त अवसर पर अण्णा महाराज ने कहा की शिष्य गुरु के प्रति समर्पित रहता है, वह जीवन में ज्ञान, विवेक और सफलता प्राप्त करता है।गुरु की श्रेष्ठ शिक्षा शिष्य को आत्मनिर्भर और चरित्रवान बनाती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल धन अर्जन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराना भी है। आपने कहा कि विद्या तभी सार्थक है जब उसका उपयोग लोककल्याण और मानव सेवा में हो।
डॉ भरत शर्मा ने कहा की एक श्रेष्ठ गुरु अपने शिष्य को केवल सफल नहीं, बल्कि संस्कारी, राष्ट्रभक्त और मानवतावादी बनाता है। यही भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की महानता है, जिसने सदियों से समाज को दिशा और प्रकाश प्रदान किया है। आधुनिक शिक्षा के साथ यदि गुरु के प्रति सम्मान, संस्कार और कृतज्ञता बनी रहे, तो समाज में धर्म, नैतिकता और संस्कृति का संरक्षण संभव है। गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव ही भारतीय संस्कृति की आत्मा है।
डॉ भरत शर्मा , जयपुर से पधारे उद्योगपति अरविंद पुरोहित और इंदौर से सुनील पटेल ने महाराज का स्वागत पुष्प माला से किया। उक्त अवसर पर आश्रम में काफ़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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