17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा पर विशेष
हे आदि देव,तुम सृष्टि सृजक,
तू सृजनात्मकता के दाता हो।
तू परम पराक्रमी तेजस्वी,
अंतरिक्ष ज्ञान विख्याता हो ।
जीविका के हर साधन देकर,
तू जगती के सुख दाता हो ।
तू दुःख हर्ता,हो सुखदायक,
तू सदा सुमंगल दाता हो ।
तू दीपस्तम्भ सब विद्या के,
शिल्प कला के विधाता हो ।
श्रम साध्य सृजन संग कौशल,
शुभ यश कीर्ति प्रदाता हो।
निर्माण कार्य के प्रज्ञानी,
तू दिग दर्शी अभिज्ञाता हो ।
तुमने सिखलाई श्रम की ऋचा,
युग में विकास की गाथा हो।
तेरे ही सृजन से दुनिया है,
तू सृष्टि जीव अवधाता हो ।।
रचनाकार: डॉक्टर दयाराम विश्वकर्मा, विज्ञ सुन्दरपुर- वाराणसी-05
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विश्वकर्मा पूजा