परम पूज्य विज्ञ राम आशीष जी महाराज का पट्टाभिषेक समारोह संपन्न
अहरौरा, मिर्जापुर :
विश्वकर्मा संस्कृति के ध्वज वाहक परम पूज्य विज्ञ रामाशीष जी महाराज का पट्टाभिषेक समारोह कार्यक्रम विश्वकर्मा मंदिर समिति अहरौरा जनपद मिर्जापुर एवं विश्वकर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट मुख्यालय सोनभद्र के महासचिव विश्वकर्मा वी.के. शर्मा जी के संयोजकत्व में विश्वकर्मा चरणानुरागियों द्वारा आज दिनांक 06 सितंबर 2026 दिन रविवार (विश्वकर्मा दिवस)को बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ ।
सर्वप्रथम पूज्य गुरु जी को विश्वकर्मा आचार्य विज्ञ विश्वनाथ शर्मा जी,विज्ञ राम अवतार शर्मा जी,विज्ञ राम दुलारे विश्वकर्मा जी एवं विज्ञ चनर्धन विश्वकर्मा जी द्वारा हवन पूजन कराया गया, पूजन कार्यक्रम डॉक्टर धनराज विश्वकर्मा जी एवं इंजीनियर वी.के शर्मा जी सपत्निक प्रतिभाग किये ।
हवन पूजन के पश्चात परम पूज्य गुरु जी को विज्ञ राजेश्वराचार्य जी महाराज द्वारा मंचासीन कराया गया तथा समस्त विश्वकर्मा आचार्य द्वारा उनका माल्यार्पण कर स्वागत अभिनंदन किया गया।
तत्पश्चात परम् पूज्य गुरु जी को संपूर्ण समाज की तरफ से आचार्य गणों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पट्टाभिषेक किया गया। उपस्थित समस्त जनों ने प्रभु विश्वकर्मा जी के जयकारे एवं गुरु जी के जयकारे के साथ गुरु जी का अभिषेक किया। आचार्य गणों द्वारा गुरु जी के व्यक्तित्व कृतित्व के बारे में अवगत कराया गया। उपस्थित समस्त बंधु बंधावों ने बारी-बारी से गुरु जी का अभिनंदन किया एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। उपस्थित प्रबुद्ध जनों में से पूर्व जिला विकास अधिकारी डॉ. दयाराम विश्वकर्मा जी, प्रोफेसर पी.के. शर्मा जी, डॉक्टर धनराज विश्वकर्मा जी, डॉक्टर दिनेश विश्वकर्मा जी, श्री भरत विश्वकर्मा जी, डॉक्टर रीना विश्वकर्मा जी ,श्री सुदामा विश्वकर्मा जी, श्री राजेश विश्वकर्मा जी, श्री शंभू नाथ विश्वकर्मा जी, डॉ अनिल शर्मा, शैलेंद्र शर्मा,प्रीतम शर्मा एवं अन्य लोगों द्वारा गुरु जी के व्यक्तित्व कृतित्व पर प्रकाश डाला । अपने उद्बोधन में डॉक्टर दयाराम विश्वकर्मा जी पूर्व जिला विकास अधिकारी ने गुरु जी को अभिगामिक व्यक्तित्व (सबको ग्रहण करने योग्य) महापुरुष बताया गया। वीकेएम एसोसिएट्स की अधिष्ठाता श्रीमती मनोरमा शर्मा द्वारा परम पूज्य गुरु जी द्वारा लिखित श्रीमद् विश्वकर्मा महापुराण की प्रतियां आचार्य गणों को समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
अंत में विज्ञ रामाशीष जी महाराज द्वारा अपने उद्बोधन में अवगत कराया गया कि मुझे प्रभु विश्वकर्मा जी का दिया हुआ सब कुछ धन दौलत मान सम्मान प्राप्त है किंतु मैंने विश्वकर्मा समाज को अपना परिवार एवं प्रभु विश्वकर्मा को अपना ईष्ट मान लिया है और मैं प्रभु विश्वकर्मा जी एवं समाज के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुका हूं । अंत में गुरूजी द्वारा सभी आगंतुक जनों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद प्रकट कर उन्हें अपने अंतर मन से नमन किया। विश्वकर्मा वी.के. शर्मा द्वारा गुरु जी के इस महानता का अंत स्थल से आभार प्रकट करते हुए अन्य से गुरुजी के बीच में अंतर को स्पष्ट किया। परम पूज्य गुरु जी द्वारा मंदिर प्रांगण में शलीफा का पेड़ लगाकर प्रभु विश्वकर्मा जी द्वारा प्रदत्त प्रकृति प्रेम को परिलक्षित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में विश्वकर्मा चरणानुरागी उपस्थित थे।अंत में मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विश्वकर्मा जी द्वारा सभी का धन्यवाद आभार व्यक्त करते हुए सभा समापन की घोषणा की गई तथा सभी को दिव्य भंडारे का प्रसाद ग्रहण कराया। कार्यक्रम का सफल संचालन विश्वकर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट सोनभद्र के महासचिव विश्वकर्मा वी.के. शर्मा द्वारा किया गया।
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