वाराणसी (उ0प्र0)
जनपद के एडिशनल सीएमओ की कोरोना से मौत होने के बाद अभी मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि आज शाम से पहले वाराणसी जनपद के 28 चिकित्सा अधिकारियों ने सीएमओ डॉ०वीबी सिंह को अपना सामूहिक रुप से इस्तीफा सौंप दिया।
इस सामूहिक त्यागपत्र में 28 प्रभारियों के हस्ताक्षर हैं। इस्तीफा सौंपने की सूचना मिलते ही जिले में हड़कंप मच गया। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) प्रभारियों ने इस सामूहिक इस्तीफे का कारण सहायक नोडल अधिकारी/डिप्टी कलेक्टर पर मानसिक प्रताड़ना बताया है।
सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने इस पत्र में एडिशन सीएमओ की मौत के लिये भी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। चिकित्साधिकारियों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से दिवंगत एडिशनल सीएमओ को बर्खास्त करने की धमकी दी गयी थी, शायद इसी सदमे से एडिशनल सीएमओ की मौत हुई है। चिकित्साधिकारियों ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि इस मौत की ज़िम्मेदारी आखिर कौन लेगा।
इस सामूहिक त्यागपत्र में लिखा है कि-
‘अवगत कराना है कि 9 अगस्त को सहायक नोडल अधिकारी/डिप्टी कलेक्टर द्वारा जारी समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्गत पत्र, जिसमें कोविड 19 के दौरान किये गए कार्यों को अपर्याप्त बताते हुए तथा समस्त प्रभारियों पर अनावश्यक दबाव बनाते हुए सभी को दोषी करार देना तथा कोटा पूरा न होने पर अपराधी करार देना और मुकदमा कायम कराने की धमकी देना इत्यादि से हम सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी मानसिक दबाव में कार्य करने में असमर्थ हैं।’
फिलहाल इस सामूहिक त्याग पत्र से वाराणसी से लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है।
इस मामले में जब जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी से बात करने की कोशिश की गयी तो उनका फोन ही नहीं उठा।
- हिन्दुस्तान जनता न्यूज की रिपोर्ट
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