छुट्टा पशुओं का आतंक जारी, किसानों की भारी क्षति, बढ़ रही दुर्घटनाएं

सोनभद्र 
कल रात डाला में एक गाय को ट्रक ने धक्का मार दिया, गाय रोड पर ही पड़ी रही। कुछ समाज के लोगो द्वारा इसे रोड से हटाया गया। बता दें कि जिले में आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती है। कभी कभी वाहनों द्वारा इन गायों को बचाने के चक्कर में राहगीरों को अथवा स्वयं ही दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। 
अभी कुछ दिन पहले ही 22 जुलाई 2020 बुधवार को परसौना गांव में एक बछड़ा कुएं में गिर गया जिसे ग्रामीणों के द्वारा निकालने का अथक प्रयास करने के बाद भी जब बछड़ा नहीं निकला तो 112 नंबर पर फोन करके फायर ब्रिगेड व पुलिसकर्मियों की सहायता से बछड़े को निकाला गया। बताते चलें कि इसके बाद भी सरकार और  शासन प्रशासन के द्वारा इन छुट्टा घूम रहे हैं पशुओं की कोई उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है कुएं से निकालने के बाद वह बछड़ा घायल अवस्था में पड़ा रहा, किसान के द्वारा पशु चिकित्सक को सूचित करके और उस बछड़े का इलाज कराया गया। 
लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर किसान इस तरह की समस्याओं से कब तक जुझते रहेंगे आज भी गांव में छुट्टा पशु घूमते हुए दिख जाएंगे जो किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं, किसानों द्वारा अपनी भारी क्षति को देखते हुए किसानों में भारी आक्रोश है। बात करें शहर, नगर, गांव हर जगह आपको इस तरह से छुट्टा पशु देखने को मिलते रहेंगे, आलम यह है कि लोग गाय पालते हैं जब गाय ने बछड़ा दिया तो जब तक दूध देती है तब तक बछड़े को अपने घर में रखते हैं और गाय दूध देना बंद करते ही बछड़े को घर से बाहर भगा देते हैं, वही बछड़े हमारे गांव, नगर, मोहल्ला, शहरों में घूम घूम करके भारी नुकसान करते रहते हैं, जिनकी वजह से आए दिन कहीं दुर्घटना, कहीं किसी किसान बंधु की भारी क्षति इत्यादि उठानी पड़ती है।
बात करें कल दिनांक 11 अगस्त 2020 मंगलवार की जन्माष्टमी का दिन था तहसीलदार साहब अपने टाटा सुमो में बैठकर राबर्ट्सगंज से करमा की तरफ जा रहे थे मिर्जापुर शक्तिनगर रोड पर देवरा राजा स्थित ईश्वर प्रसाद महाविद्यालय के ठीक सामने एक गाय को बचाने के दौरान तहसीलदार साहब की गाड़ी पेड़ से जा करके टकरा गई जिसमें उनके ड्राइवर की मौके पर ही मृत्यु हो गई और तहसीलदार साहब भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
लोगो का कहना है कि सरकार व शासन-प्रशासन द्वारा जो गाय को रोड पर छोड़ते हैं उनके खिलाफ कठोर कार्यवाई किया जाना चाहिए तथा छुट्टा पशुओं के लिए कोई समुचित व्यवस्था जैसे सरकारी पशुशाला(पशुओं का बाड़ा/हांता) की समुचित व्यवस्था कराई जानी चाहिए।


   - ब्यूरो चीफ गोविन्द प्रसाद पाण्डेय की रिपोर्ट 

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