गाँधी विचार दर्शन पर जनपद सोनभद्र में राष्ट्रीय बेबीनार संपंन्न

सोनभद्र  (उ.प्र.)
डॉ बृजेश कुमार सिंह शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद सोनभद्र द्वारा लॉकडाउन के दौरान हर महीने एक बेविनर का आयोजन किया जाता है जिसमें देश के कोने-कोने से विद्वान शामिल होते हैं इनका यह प्रयास अनुकरणीय है।
गांधी जयंती के अवसर पर महादेवी वर्मा साहित्य शोध संस्थान सोनभद्र द्वारा आयोजित गांधी विचार दर्शन सत्य अहिंसा और स्वच्छता की प्रासंगिकता पर आधारित वेबीनार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिसका संचालन शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ बृजेश कुमार सिंह महादेव  शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद सोनभद्र उत्तर प्रदेश ने किया। वेबीनार के मुख्य अतिथि डॉक्टर गोरखनाथ पटेल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सोनभद्र रहे। तथा बतौर प्रवक्ता डॉक्टर साहिब इस्लाम असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी एसआरएम विश्वविद्यालय चेन्नई, डॉक्टर अमृता पाउल असिस्टेंट प्रोफेसर  बेलदा कॉलेज विद्यासागर विश्वविद्यालय वेस्ट बंगाल,  डॉक्टर रचना तिवारी राष्ट्रीय कवयित्री जनपद सोनभद्र उत्तर प्रदेश, डॉक्टर बी एन दुबे असिस्टेंट प्रोफेसर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी  उत्तर प्रदेश, अंजना झवर लाहोटी फ्रीलांस राइटर व शिक्षिका सूरत गुजरात, डॉ राजेश  कुमार प्रमाणिक  असिस्टेंट प्रोफेसर  कोल्हान विश्वविद्यालय झारखंड, वंदना गोपाल शर्मा  शैली छत्तीसगढ़ डॉक्टर अनिल भास्कर कुशवाहा  असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल विभाग  गोरखपुर ने गांधी विचार दर्शन को आलोकित किया। वेबीनार की अध्यक्षता डॉक्टर रामबरन पटेल पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर हिंदी विभाग दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर रहे,
। इनके अतिरिक्त सर्व श्री शशांक शेखर तिवारी महाराजगंज, रवि कांत जी महाराजगंज, सत्यवती सिंह गोरखपुर , आराधना चौबे सोनभद्र, राहुल कुलश्रेष्ठ सोनभद्र, सिद्धि नाथ सिंह महाराजगंज, नीतू सिंह सोनभद्र, डॉ प्रतिभा पांडे असिस्टेंट प्रोफेसर  डीडीयू गोरखपुर, आनंद कुमार सिंह सोनभद्र, माधव कृष्ण महाराजगंज, अजय कुमार सिंह  प्रयागराज, अजीत जी देवरिया, नरेश कुमार सिंह सोनभद्र, चंद्रप्रकाश महाराजगंज,  डॉ अजय कुमार मौर्य एसोसिएट प्रोफेसर  गोंडा,  अशोक कुमार  अवाक सोनभद्र, सुमन सिंह सोनभद्र, केसर सिंह डायट सोनभद्र  आदि विद्वानों ने गांधी विचार दर्शन सत्य अहिंसा और स्वच्छता की प्रासंगिकता में सहभागिता प्रदान कर वेबीनार को सफल बनाया। गूगल मीट पर आयोजित इस राष्ट्रीय विनर में देश के कोने-कोने से 4 दर्जन से अधिक विद्वानों ने प्रतिभाग किया। प्रस्तुतीकरण देने वाले विद्वानों का लेख सर्च लुक शोध पत्रिका में प्रकाशित भी किया जाएगा। तथा सभी को सहभागिता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने