काहे बनाया खिलौना माटी का (दर्द भरा गीत )
( माँ अपने दूध पीते हुए बच्चे की मृत्यु के पश्चात भगवान को उलाहना दे रही है)
(गीत)
(फोटो साभार गूगल)
सईया सॅवरका रे! (भगवान कृष्ण)
काहे बनाया खिलौना माटी का,
सईया सॅवरका रे!
माटी खिलौना टूटी- टूटी जाय,
सईया सॅवरका रे!
माटी खिलौना माटी में मिली- मिली जाय।
सईया सॅवरका रे!
न सोना बनाया न चाँदी बनाया,
काहे बनाया खिलौना माटी का,
सईया सॅवरका रे !
न हीरा बनाया न मोती बनाया,
काहे बनाया खिलौना माटी का।
सईया सॅवरका रे!
न फुल बनाया न पीतल बनाया।
काहे बनाया खिलौना माटी का,
सईया सॅवरका रे!
न ईटा बनाया न पत्थर बनाया।
काहे बनाया खिलौना माटी का
काहे डाला प्रान।
सईया सॅवरका रे!
माटी खिलौना माटी में मिली मिली जाय।
सईया सॅवरका रे!
- गौतम विश्वकर्मा
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल नंबर- 9935694130
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