मजदूर दिवस - ( एक मई )

मजदूर दिवस - ( एक मई ) 
श्रम  से अपने धरती को सजाने वाले, 
आपकी  करता  विश्व   सदा   वंदना। 
खेतों , कारखानों  में पसीना बहाकर , 
माँ पृथ्वी  की  करते  आप आराधना। 

सुंदर फसलें लहराती खेतों में  दिखती, 
सभी श्रमिकों के  मेहनत  का नतीजा। 
वीरान  जमीन  पर सुंदर से पुष्प दिखें, 
आकर्षक  सा मन  मोहे  सुंदर बगीचा। 

बड़ी- बड़ी सड़कें ,ऊँची- ऊँची इमारतें, 
उनके  ही परिश्रम   का   सुंदर  नमूना। 
खाद्यान्न ,कपड़े, आरामदायक गाड़ियाँ, 
साधन  सुख - सुविधा  मिला कई गुना। 

जीवन  सभी  का   सुंदर  बनाने  वाले , 
आपकी हृदय से शत बार यही कामना।
सुखी  रहे घर ,परिवार आप  सभी का ,
बार - बार  ईश्वर  से  मेरी यही याचना । 

कवि- चंद्रकांत पांडेय
मुंबई, महाराष्ट्र

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