पेड़न से हौ जीवन (विश्व पर्यावरण दिवस पर खास)
हरे भरे पेड़न क कीमत, समझा
कई हज़ार।
पेड़न में गुण बहुत बा, सदा
लगावा द्वार ।।
सदा लगावा द्वार, करा सबकर
रखवाली ।
नाशै रोग विकार, बढ़ी घर
कै खुशहाली ।।
पेड़ लगावै कै सलाह, हऊवै
फ़ायदेमंद ।
दूर गंदगी भी होई, फैली
सर्वानन्द ।।
फैली सर्वानन्द, दूर हो जाई
प्रदूषण ।
होईहै सभी खुशहाल, बढ़ी
धरती कै भूषण।।
साक्षी हव इतिहास, भइल जब
पेड़ कटाई ।
संकट बढ़ गयल आज, होई
कैसे भरपाई ।।
कहै सुधीजन सत्य, बढ़ी
खुश हाली भाई ।
हो जाई कल्याण, सबै मिल
पेड़ लगाई ।।
रचनाकार : डॉक्टर दयाराम विश्वकर्मा ”विज्ञ”
सुन्दरपुर-वाराणसी ‘ 221005