विश्वकर्मा भगवान की पूजा

विश्वकर्मा भगवान की पूजा
ॐ विश्वकर्मणे नमः का जाप,
सबका दूर करे संताप।।

उक्त मंत्र के सुमिरन से ही,
मिट जाता है त्रिविध ताप।।

अन्य देव से ऊपर वर्णित,
सृष्टि सृजक की अद्भुत बात।।

जो प्रभु को है जपे निरंतर,
उनका मिटता दुःख संताप।।

विश्व देव के पूजन से ही,
दिव्य शक्ति आती साक्षात्।।

अपने कुल के देव शक्तिमय,
देते  वे अकल्पनीय सौग़ात।।

क्यों दूजे मत में फसते हो,
मेरे कुल के, धुरन्धर तात।।

विश्व जगत में फैल चुकी है,
विश्व देव की, कीर्ति सुवास।।

आओ पूजन करें सभी मिल,
जब तक रहे, धरा पर गात।। 

अपनी संस्कृति को पहचानो,                     ध्यान करो प्रभु की दिन रात।।

अपने कुल के भ्राता बहनों,
न दो ख़ुद अपने को मात।।
                          
रचनाकार: डॉक्टर डी आर विश्वकर्मा            सुन्दरपुर वाराणसी

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