अखिल राजस्थान अम्बेडकर शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन

अखिल राजस्थान अम्बेडकर शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन

(11 सूत्री मांग-पत्र पर मंथन, शिक्षक हितों के लिए संघर्ष का लिया संकल्प)

अलवर, (राजस्थान) : 
 दिनांक 19 सितंबर 2026 को  जिलाध्यक्ष कैलाश बलाई ने बताया कि अखिल राजस्थान अम्बेडकर शिक्षक संघ का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शनिवार को पंचशील बुद्ध विहार, सूर्य नगर मोड़, अलवर में राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ। समापन सत्र की शुरुआत अतिथियों द्वारा तथागत गौतम बुद्ध एवं भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित एवं मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के जिला महासचिव घनश्याम खींची ने की। मुख्य अतिथि प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विपुल कुमार भवालिया रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में उप प्रधानाचार्य दिनेश कुमार, प्रदेश महामंत्री प्रेम कुमार वर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार बैरवा एवं व्याख्याता हेमलता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला कोषाध्यक्ष राकेश राठी ने किया।

11 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षक हितों की आवाज बुलंद

सम्मेलन में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर 11 सूत्री मांग-पत्र पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें शिक्षकों को पे प्रोटेक्शन के तहत कर्मचारियों से रिकवरी न की जाए, नव पदोन्नति प्राप्त कार्मिकों का भी ट्रांसफर किया जाए, लंबित DPC एवं पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध पूरा करना, पीएच.डी. एवं उच्च शैक्षणिक योग्यता के नियमानुसार, महिला शिक्षिकाओं की स्थानांतरण एवं सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान, विद्यालयों में रिक्त पदों को भरना, सभी विद्यालयों में बालवाडी शुरु की जाए, मॉडल विद्यालयों का समय अन्य सामान्य विद्यालयों की तरह किया जाए, मॉडल विद्यालयों में विज्ञान संकाय के साथ-साथ अन्य संकाय भी शुरू किए जाएं जिससे कि विद्यार्थी पलायन न करें, विद्यालयों में महीने में एक बार चिकित्सा कर्मी या नर्सिंग कर्मी महीने में एक बार बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु विजिट कराऐं, स्थानांतरण नीति बनाई जाए, प्रमुख मांगें रहीं।

शिक्षक समाज निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी : डॉ. भवालिया

मुख्य अतिथि डॉ. विपुल कुमार भवालिया ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने से शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि संघ शिक्षक हितों, सामाजिक न्याय एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े विषयों को उचित मंच पर निरंतर उठाता रहेगा।

प्रदेश महामंत्री प्रेम कुमार वर्मा ने कहा कि संगठन की मजबूती शिक्षकों की एकजुटता से होती है। उन्होंने सभी शिक्षकों से संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार बैरवा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को आवश्यक संसाधन एवं बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।

उप प्रधानाचार्य दिनेश कुमार ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं व्याख्याता हेमलता ने महिला शिक्षिकाओं की सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान एवं कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में घनश्याम खींची ने सम्मेलन की सफलता के लिए सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर राजेश कुमार, वेद प्रकाश सैनी, राजबाला यादव, रविकान्त मीणा, शंकर लाल, छगन लाल, राजेश गुलेरिया, रतन लाल बडगूर्जर, अशोक गुर्जर, मोहन लाल, रमेश चन्द सहित अनेक शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।


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