श्रद्धांजलि - ( स्व. आशा भोसले)

श्रद्धांजलि - ( स्व. आशा भोसले)
स्वर कोकिला लता की छोटी बहन,
आशा भोसले का हुआ स्वर्ग गमन।
एक बेजोड़ स्वर डूबा सदा के लिए,
बहनों का  होगा अब  मधुर मिलन।

श्रद्धांजलि अर्पित हृदय कमल से ,
जिसने जनमानस को सदा हँसाया।
हर उम्र के श्रोता सर्वदा खुश थे,
यमराज ने आज सभी को रूलाया।

पूज्य बहन के पदचिह्नों पर चल,
निज हेतु नूतन मार्ग बनाया।
विरले ही जो धन पाया करते,
ऐसाअद्वितीय धन खूब कमाया।

कलाकार अपनी उत्कृष्ट कला से ,
लोगों के हृदय में स्थान बनाता।
अपनी कला का फहराकर परचम,
शताब्दियों के लिए अमर बन जाता।

कवि- चंद्रकांत पाण्डेय, 
 मुंबई, महाराष्ट्र,

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